Mohan Yadav
Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) प्रदेश की महिलाओं के बीच काफी प्रचलित और लोकप्रिय हैं. शिवराज सिंह चौहान को लाड़ली बहना योजना (Ladli Bahna Yojana) कल्याणकारी योजनाओं के कारण बहन बेटियों से खूब सारा प्यार मिला है. राज्य की जनता उन्हें मामा कहकर बुलाती है.
शिवराज महिलाओं के प्रति लोकप्रियता के नाम से जाने जाते है. इसके बावजूत भी भारतीय जनता पार्टी ने उनकी जगह मुख्यमंत्री बनाया. मोहन यादव को सत्ता में आने के बाद एक खबर सामने आ रही है कि एमपी के मामा की तरह मोहन यादव बहनों के लाड़ले हैं. पिछले साल 10 से वह अपने विधानसभा क्षेत्र की 20 हजार बहनों से राखी बंधवा रहे हैं.
मोहन यादव पिछले 10 सालों से अपने विधानसभा क्षेत्र उज्जैन दक्षिण से महिलाओं से राखी बंधवाते हैं. क्षेत्र की 20 हजार महिलाएं उन्हें ऱाखी बांधती है. बता दें रंक्षा बंधन के पहले से ही राखी बांधने की सिलसिला शूरू हो जाता है और त्यौहार के बाद तक जारी रहता है.
10 साल पहले जह मोहन यादव दूसरी बार विधायक चुने गए थे तो क्षेत्र में उनका जोरदार स्वागत किया गया था. इस दौरान उज्जैन के बागपुरा और गोपालपुरा इलाके में महिलाओं ने चुनाव जीतने के बाद मोहन यादव को तिलक लगाकर राखी बांधी. हालांकि उस समय रक्षाबंधन का त्यौहार नहीं थी. रक्षाबंधन के समय नही होने का कारण भी मोहन यादव को 100 से अधिक महिलाओं ने राखी बांधी. तब उन्होंने यह सकल्फ लिया था कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं को बहन बनाएंगे.
मोहन और उनकी बहनों के बीच बताया जाता है कि 10 साल पहले जब मोहन यादव दूसरी बार विधायक चुने गए थे तो उज्जैन को बागपुरा और गोपालपुरा इलाके में महिलाओं ने तिलक लगाकर मोहन यादव को राखी बांधी थी. उस वक्त रक्षा बंधन नहीं था, फिर भी 1000 महिलाओं ने उन्हें राखी बांधी थी और आज उन्हें राखी बांधने वाली बहनों की संख्या 20 हजार पहुंच गई है. मोहन यादव भी राखी बंधवाने के बाद क्षेत्र की बहनों को गिफ्ट देते हैं.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. जब शिवराज सिंह चौहान की जगह मोहन यादव का मुख्यमंत्री का ऐलान हुआ तो हर जगह वे चर्चाओं में आ गए. इसके पीछे की वजह की चर्चा होने लगी है. हर किसी को जानने की इच्छा होने लगी. मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री चेहरा राजनीती में ऊचा कद है.
OBC चेहरा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से रिश्ता होने के अलावा महिला वोटर्स के बीच लोकप्रियता भी उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने का एक कारण हो सकती है. शिवराज और मोहन यादव के बीच दो बातें कॉमन हैं कि दोनों ही ओबीसी चेहरा हैं और महिलाओं के बीच काफी फेमस हैं.
मध्य प्रदेश की पूर्व राज्यपाल आनंदीबेन ने भी मोहन यादव को राखी बांधी है. मोहन यादव की सगी दो बहनें हैं. एक बहन का नाम ग्यारसी बाई और दूसरी बहन का नाम कलावती यादव है. उनके दो भाई नंदलाल और नारायण यादव हैं. मोहन यादव अपने भाई के परिवार और बड़ी बहन कलावती यादव के साथ ज्वाइंट फैमिली में रहते हैं.
कालावती यादव भी राजनीति में एक्टिव रहती है और उज्जैन के अलग- अलग इलाकों से 6 बार उन्होंने पार्षद का चुनाव जीता है. इस समय कलावती यादव उज्जैन में नगर निगम अध्यक्ष हैं. इसके अलावा मोहन यादव के परिवार में उनकी पत्नी सीमा यादव, बड़ा बेटा अभिमन्यू यादव. बेटी आकांक्षा यादव और बेटा वैभव यादव है.
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