Categories: देश

भाजपा ने UP में 5 नए जिलाध्यक्षों का ऐलान, वाराणसी और गोरखपुर में नए चेहरे, 2027 चुनाव की तैयारी तेज

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को तेज करते हुए गुरुवार को पांच जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान कर दिया. इस सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर महानगर के जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं. इसके साथ ही भाजपा ने प्रदेश में बचे हुए सभी जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पूरी कर संगठनात्मक ढांचे को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है.

नई नियुक्तियों के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के कार्यभार संभालने के बाद जारी यह जिलाध्यक्षों की अंतिम सूची मानी जा रही है. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन में रणनीतिक बदलाव शुरू कर दिए हैं. नए जिलाध्यक्षों को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, सदस्यता अभियान को गति देने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की अहम जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गुरुवार को अवध, गोरखपुर और काशी प्रांत के पांच जिलाध्यक्षों के नाम घोषित किए. अवध क्षेत्र के अंबेडकरनगर में दिलीप देव पटेल को नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है. इससे पहले यहां त्रयंबक त्रिपाठी इस पद पर थे. गोरखपुर महानगर की जिम्मेदारी रमेश कुमार गुप्ता को दी गई है. देवेश श्रीवास्तव के निधन के बाद यह पद खाली चल रहा था और पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता संयोजक के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे. देवरिया में काली प्रसाद को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जहां पहले यह जिम्मेदारी भूपेंद्र सिंह के पास थी.

वहीं काशी प्रांत के वाराणसी में हंसराज विश्वकर्मा की जगह राम सकल पटेल को जिलाध्यक्ष बनाया गया है. हंसराज विश्वकर्मा के योगी सरकार में मंत्री बनने के बाद यह पद रिक्त हो गया था. भाजपा ने यहां भी ओबीसी समीकरण को साधते हुए संगठन की कमान एक मजबूत पिछड़े वर्ग के चेहरे को सौंपी है. चंदौली में पार्टी ने काशीनाथ सिंह पर भरोसा बरकरार रखा है और उन्हें दोबारा जिलाध्यक्ष बनाया गया है.

भाजपा ने इन नियुक्तियों के जरिए जातीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश भी की है. पांच जिलाध्यक्षों में दो ओबीसी, एक दलित, एक वैश्य और एक क्षत्रिय समाज से हैं. खासकर पूर्वांचल में पार्टी ने अनुभवी और जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी है. वाराणसी और गोरखपुर जैसे राजनीतिक रूप से बेहद अहम जिलों में अनुभवी चेहरों को जिम्मेदारी देकर भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि संगठन को चुनावी मोड में लाया जा चुका है.

राम सकल पटेल लंबे समय से वाराणसी में संगठनात्मक कामकाज से जुड़े रहे हैं और क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. वहीं गोरखपुर महानगर की कमान रमेश कुमार गुप्ता को देकर भाजपा ने वैश्य समाज को साधने का संदेश दिया है. चंदौली के काशीनाथ सिंह भी संगठन के पुराने और भरोसेमंद चेहरों में गिने जाते हैं.

अंबेडकरनगर में दिलीप देव पटेल और देवरिया में काली प्रसाद को जिम्मेदारी देकर भाजपा ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को संतुलित करने की कोशिश की है. प्रदेश नेतृत्व ने सभी नवनियुक्त जिलाध्यक्षों को जल्द कार्यभार संभालकर मंडल और सेक्टर स्तर तक नई कमेटियों के गठन के निर्देश दिए हैं. पार्टी का पूरा फोकस अब सदस्यता अभियान और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर है.

Ravi Mishra

Recent Posts

सुप्रीम कोर्ट ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने से किया इनकार, लेकिन चुनाव आयोग से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को फिलहाल हटाने या निलंबित करने से…

6 days ago

सत्य निकेतन हादसे पर हाई कोर्ट दिल्ली सरकार को लगाई फटकार, MCD और DU पर भी उठाए सवाल

दिल्ली के सत्य निकेतन में PG की इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत के…

1 month ago

शनि की साढ़ेसाती से कब मिलेगी राहत? कुंभ को 2027 में राहत, मीन और मेष वालों को करना होगा इंतजार

कुंभ, मीन और मेष राशि वालों पर इस समय शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव चल…

1 month ago

सहारनपुर में अवैध मस्जिद पर चला बुलडोजर तो तिलमिलाया पाकिस्तान, 100 साल पुराने मंदिर पर चुप्पी क्यों?

सहारनपुर में सरकारी जमीन पर बने अनधिकृत धार्मिक ढांचे को अदालत के आदेश के बाद…

1 month ago

Bigg Boss 20 में ईशा रिखी की धमाकेदार एंट्री, बादशाह से दूरी के बाद पहली बार खुलकर रखेंगी अपनी बात?

पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी अब Bigg Boss 20 के घर में नजर आएंगी। बादशाह से…

1 month ago

This website uses cookies.