टेक्नोलॉजी

Google Search: सावधान! भूलकर भी न करें गूगल पर इन 6 शब्दों का सर्च, नहीं हो सकते हैं हैकर्स के शिकार

Google Search: साइबर ठग आए दिन कोई न कोई लोगों को अपना शिकार बनाना के लिए कुछ न कुछ जुगाड़ लगाते हैं इस बीच हम आपके लिए बड़े काम की एक खबर लेकर आए है. इंटरनेट का नियमित उपयोग करने वाले और गूगल जैसे प्लेटफॉर्म्स से जानकारी खोजने वाले यूज़र्स के लिए एक गंभीर चेतावनी सामने आई है. ब्रिटेन स्थित साइबर सुरक्षा फर्म SOPHOS ने एक नई हैकिंग रणनीति के बारे में आगाह किया है, जो खासतौर पर उन उपयोगकर्ताओं को लक्षित करती है जो सर्च इंजन में कुछ विशेष शब्दों की खोज करते हैं.

द न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, SOPHOS ने छह विशिष्ट शब्दों को लेकर चेतावनी दी है, जिनकी खोज करने से साइबर हमलों का खतरा बढ़ सकता है. उदाहरण के तौर पर, अगर उपयोगकर्ता यह खोजते हैं कि ‘क्या बंगाल बिल्लियाँ ऑस्ट्रेलिया में वैध हैं?, तो कथित तौर पर इस सर्च के शीर्ष परिणाम लिंक पर क्लिक करने के बाद उनकी व्यक्तिगत जानकारी ऑनलाइन लीक हो सकती है. फर्म ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि “पीड़ितों को अक्सर धोखाधड़ी वाले एडवेयर या वैध मार्केटिंग के रूप में प्रच्छन्न लिंक पर क्लिक करने के लिए लुभाया जाता है.’

इसके अलावा, अलर्ट में कहा गया है कि हैकर्स ऐसे उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाते हैं, जो अपनी खोजों में ‘ऑस्ट्रेलिया’ शब्द का उपयोग करते हैं, क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिक इन साइबर हमलों के लिए अधिक संवेदनशील हो सकते हैं.

SOPHOS ने यह भी पाया कि बैंक खाता विवरण और व्यक्तिगत जानकारी गूटलोडर नामक एक मैलवेयर द्वारा चोरी की जाती है, जब उपयोगकर्ता शीर्ष खोज परिणामों में से एक लिंक पर क्लिक करते हैं. यह सॉफ़्टवेयर उपयोगकर्ता के कंप्यूटर को लॉक कर सकता है और उनके डेटा को चुरा सकता है.

SEO विषाक्तता (SEO Poisoning) और हैकर्स की तकनीक

साइबर अपराधी इन दिनों ‘एसईओ विषाक्तता’ (SEO Poisoning) नामक तकनीक का उपयोग करते हैं, जिसमें वे स्वच्छ और निर्दोष Google खोज परिणामों पर जासूसी करने के लिए विशेष सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं. डेली मेल ने इसे एक “कपटपूर्ण तकनीक” के रूप में वर्णित किया है, जिसमें अपराधी खोज इंजन के परिणामों में हेरफेर करते हैं, ताकि वे अपनी वेबसाइट्स को शीर्ष पर लाकर लोगों को धोखा दे सकें.

SOPHOS ने सभी उपयोगकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे यदि SEO विषाक्तता का शिकार हो चुके हैं तो वे तुरंत अपने पासवर्ड बदल लें और अपनी सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करें.

मैलवेयर और साइबर अपराधी

रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स मैलवेयर का इस्तेमाल करके लोगों का डेटा चुराते हैं और उनके डिवाइस पर कब्जा कर लेते हैं. मैलवेयर कई प्रकार के होते हैं, जैसे ट्रोजन हॉर्स, बॉट, वायरस, वर्म्स, रैनसमवेयर (जो कंप्यूटर तक पहुंच को रोकता है जब तक कि यूजर भुगतान नहीं करता), और अन्य खतरनाक सॉफ़्टवेयर जो कंप्यूटर, नेटवर्क और गैजेट्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

Ravi Mishra

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