डोनाल्ड ट्रंप पर हमला
अमेरिका में एक बार फिर सियासी और सुरक्षा माहौल गरमा गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर वाशिंगटन डीसी में जानलेवा हमले की कोशिश ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ट्रंप को दुशमन अमेरिका के भीतर ही बढ़ रहे हैं? और क्या उनकी नीतियों, खासकर विदेश नीति ने विरोध को तीखा कर दिया है।
शनिवार देर रात वाशिंगटन हिल्टन के इंटरनेशनल बॉलरूम में हुए इस घटनाक्रम ने अमेरिकी राजनीति में हलचल मचा दी। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह ट्रंप पर तीसरा हमला माना जा रहा है। इसी बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह न होने की बात कही।
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के विरोधी कई स्तरों पर मौजूद हैं। इनमें राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी, कुछ कट्टरपंथी समूह और उनकी नीतियों से असंतुष्ट नागरिक शामिल हैं। ट्रंप की आक्रामक शैली, इमिग्रेशन पॉलिसी, और अंतरराष्ट्रीय फैसलों ने देश के भीतर एक बड़ा विरोधी वर्ग तैयार किया है।
इतिहास भी गवाह है कि जब-जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की नीतियों से जनता में असंतोष बढ़ा है, तब-तब उन पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में ट्रंप के खिलाफ बढ़ती नफरत को इसी पैटर्न में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप की सख्त विदेश नीति, खासकर ईरान जैसे देशों के खिलाफ आक्रामक रुख, ने न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बल्कि घरेलू स्तर पर भी विरोध को बढ़ाया है। अमेरिका के भीतर कई लोग इन नीतियों को जोखिम भरा मानते हैं, जिससे असंतोष और गहरा हुआ है। हालांकि इस हमले के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन जांच एजेंसियां हर एंगल से पूछताछ कर रही हैं, जिसमें विदेशी प्रभाव की संभावना भी शामिल है।
शनिवार शाम वाशिंगटन हिल्टन होटल के लॉबी में गोली चलने की खबर से अफरा-तफरी मच गई। व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया।
“एक अधिकारी को गोली लगी, लेकिन वह बच गया क्योंकि उसने स्पष्ट रूप से बहुत अच्छी बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी।” उन्होंने यह भी कहा कि “मैं यह कहना नहीं चाहता था, लेकिन इसी वजह से हमें व्हाइट हाउस में जो सुरक्षा इंतज़ाम हम योजना बना रहे हैं, उन्हें पूरी तरह लागू करना ज़रूरी है।”
ट्रंप ने सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ करते हुए कहा कि “लेकिन हम सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साहस के लिए उनके बहुत आभारी हैं।”
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा, “यह जानकर राहत मिली कि वॉशिंगटन DC के एक होटल में हालिया सुरक्षा घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप, प्रथम महिला और उपराष्ट्रपति सुरक्षित और पूरी तरह स्वस्थ हैं। मैं उनकी निरंतर सुरक्षा और कुशलता के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इसकी स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए।”
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