Raghav Chadha meets BJP (ANI: Image)
अगर ये कहें कि पता नहीं आम आदमी पार्टी को किसकी नजर लग गई तो इसमें कोई गलत नहीं होगा। क्योंकि आज शुक्रवार को राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के साथ 7 बड़े नेता ने AAP का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दमन थाम लिया है। जिससे ये साबित होता है कि अरविंद केजरीवाल के पार्टी को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। क्योंकि राघव चड्ढा उनके फेवरेट और सबसे भरोसेमंद के तौर पर देखा जाता था।
इस घटनाक्रम के दौरान राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। उनके साथ मंच पर संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद रहे, जिससे इस पूरे मामले ने और अधिक तूल पकड़ लिया है।
राघव चड्ढा ने दावा करते हुए कहा कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के अधिकांश सांसदों ने बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला संवैधानिक प्रावधानों के तहत लिया गया है और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
राघव चड्ढा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा,’आज भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों ने BJP में विलय कर लिया है। सात सांसदों ने उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे राज्यसभा के माननीय अध्यक्ष को सौंपा गया था। मैंने, दो अन्य सांसदों के साथ, व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज सौंपे हैं।’
राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने जिस पार्टी को वर्षों तक अपना समय और ऊर्जा दी, वह अब अपने मूल विचारों से भटक चुकी है। उनके अनुसार पार्टी अब जनहित की बजाय व्यक्तिगत हितों की राजनीति कर रही है।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा, ‘जिस आम आदमी पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल सिद्धांतों से भटक गई है। अब यह पार्टी राष्ट्रहित में नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम कर रही है। पिछले कुछ साल से मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं। इसलिए, आज मैं घोषणा करता हूं कि मैं आम आदमी पार्टी से अलग हो रहा हूं और जनता के करीब आ रहा हूं।’
इस अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा के साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मंच पर नजर आए। इस दौरान उन्होंने पार्टी की कार्यशैली और आंतरिक मतभेदों को लेकर भी कई सवाल खड़े किए। राघव चड्ढा ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब पार्टी के भीतर बड़े स्तर पर असंतोष है और कई सांसद अलग राह चुन चुके हैं।
राघव चड्ढा के अनुसार राज्यसभा में पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सांसद बीजेपी में विलय कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को संवैधानिक तरीके से पूरा किया गया है और दस्तावेज औपचारिक रूप से सौंप दिए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके साथ हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल जैसे सांसद भी इस बदलाव का हिस्सा हैं।
संदीप पाठक ने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी और उसके सिद्धांतों को प्राथमिकता दी है, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी अपने मूल उद्देश्यों से दूर होती जा रही है, जिससे अंदरूनी असहमति बढ़ी है।
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