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Empowered Women of India: स्वास्थ्य और महिला उद्यम के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए डॉ रश्मि गुप्ता को मिला सम्मान

Empowered Women of India: फेलिक्स हॉस्पिटल की डायरेक्टर डॉ. रश्मि गुप्ता को स्वास्थ्य और महिला उद्यम के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए भारत सरकार एवं महाराष्ट्र सरकार द्वारा 27 फरवरी को सम्मानित किया गया. उन्हें पुणे के वेस्टिन कोरेगांव पार्क में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया.

डॉ रश्मि गुप्ता का सफर

डॉ रश्मि गुप्ता का जन्म उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर उन्नाव में हुआ और उन्होंने अपनी प्राम्भिक शिक्षा भी वही से सरकारी स्कूल से प्राप्त की. मध्यवर्गीय परिवार और लड़की होने की वजह से उन्होंने अपनी शिक्षा दौरान बहुत सारी चुनितियों का सामना करना पड़ा.

तमाम चुनौतियां के वाबज़ूद डॉ रश्मि ने डॉक्टर बनने का सपना देखा और उसे साकार भी किया.

आगरा मेडिकल कॉलेज से MBBS करने के बाद उन्होंने कानपुर मेडिकल कॉलेज से नवजात शिशु एवं बाल रोग (पीडियाट्रिक) में विशेषज्ञता हासिल की. तत्पश्चात उन्होंने बड़े कठिन परिश्रम से एक छोटे से 2BHK फ्लैट में खुद का क्लिनिक खोला जहां उनका मात्र 2 पुराने कुर्सी और टेबल ही उनका फर्नीचर था. क्लिनिक में काम करने के साथ ही वो बहुत से हॉस्पिटल्स में प्रैक्टिस भी करती रहीं.

फेलिक्स हॉस्पिटल की नींव

डॉ रश्मि की कठिनाइयां यहीं नहीं रुकी. सरकार द्वारा माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण डॉ रश्मि गुप्ता का क्लिनिक बंद करवा दिया गया और एक लम्बी लड़ाई के बाद उन्होंने फेलिक्स हॉस्पिटल की नींव रखी. डॉ रश्मि गुप्ता ने 50 बेड से अस्पताल को 200 बेड तक पहुंचाया और अगले लगभग 2 साल में वो फेलिक्स अस्पताल को 700 बेड विस्तृत करने वालीं है. फेलिक्स की नयी शाखाओं की शुरुआत हो चुकी है. डॉ रश्मि गुप्ता के नेतृत्व में फेलिक्स दिल्ली-एन सी आर के बड़े हॉस्पिटलों में शुमार है.

वीमेन एम्पावरमेंट पर विशेष ध्यान
आपको बता दें डॉ रश्मि गुप्ता के नेतृत्व में फेलिक्स अस्पताल में 70 प्रतिशत महिला कर्मचारी हैं. अस्पताल के अधिकतर विभाग महिलायें ही देख रही है. यहाँ डॉ रश्मि जी द्वारा महिलाओं को विशेष महत्त्व दिया जाता है और उन्हें आगे बढ़ने का हर मौका दिया जाता है.

सामाजिक कायों में विशेष भूमिका

डॉ रश्मि गुप्ता सामाजिक कार्यों बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेतीं है. फेलिक्स अस्पताल ने कोरोना के मुश्किल घड़ी में जनता तक हर संभव मदद पहुंचाई. कोरोना से लड़ने के सभी मापदंडों को समझाते हुए टेस्टिंग से लेकर, कांट्रैक्ट ट्रेसिंग, मेडिकल किट घर पहुंचना, होम आइसोलेशन, टेली कंसल्टेशन और मरीजों के घर तक ऑक्सीजन पहुंचाने और 24X7 कोविड वैक्सीनेशन सेंटर एवं 24X7 ड्राइव थ्रू की शुरुआत कर देश को इस महामारी से बचाने में प्रयास किए. फ़ेलिक्स अस्पताल समय-२ पर फ्री हेल्थ चेक अप शिविर, फ्री डॉक्टर कंसल्टेशन, फ्री फुलबॉडी चेक अप आयोजित करता रहता है ताकि समाज का हर हिस्सा स्वास्थ्य सुविधा का लाभ उठा सकते. डॉ रश्मि गुप्ता खुद कई एनजीओ के साथ मिलकर महिलाओं, बच्चों एवं बुजर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करती हैं.

डॉ रश्मि गुप्ता ने महिलाओं के लिए वर्क लाइफ बैलेंस , SCHEDULING एंड TIME MANAGMENT के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि आज के समय में बेटियां बेटों से कमतर नहीं है. सड़क पर यातायात संभालने से लेकर संसद तक में महिलाएं अपना आवाज बुलंद किया है. देश के लिए मेडल लाना हो या देश की सेवा करने सभी जगह महिलाओं ने अपना परचम लहराया है. आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा के बल पर अपने लिए नए मुकाम बनाने में कामयाब हो रही है. ऐसे में जब महिलाओं को उनकी उपलब्धि पर इस तरह से सम्मानित किया जाता है तो उनके हौसला और भी बढ़ जाती है.

Ravi Mishra

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