Viral Girl Ruchika Singh: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में 25 वर्षीय रुचिका सिंह चर्चा में हैं। वायरल वीडियो सामने आने के बाद उनके खिलाफ जीरो FIR दर्ज की गई, जिसके बाद मामला दिल्ली पुलिस को जांच के लिए स्थानांतरित कर दिया गया। आइए जानते हैं कि रुचिका सिंह कौन हैं और पूरा मामला क्या है।
कौन हैं रुचिका सिंह?
पुलिस के अनुसार, रुचिका सिंह की उम्र 25 वर्ष है। शिकायत में उन्हें नोएडा निवासी बताया गया है। शुरुआती जांच में पता चला कि वह फिलहाल अपने परिवार के साथ हरियाणा के फरीदाबाद में रह रही हैं। पुलिस का कहना है कि उन्होंने इसी साल जनवरी में नोएडा में एक फ्लैट खरीदा था, लेकिन वह पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक रुचिका एक सैलून में काम करती हैं।
क्या है पूरा मामला?
23 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG समेत पेपर लीक के विरोध में CJP द्वारा प्रदर्शन किया गया था। आरोप है कि इसी प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया। कुछ रिपोर्टों में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी का भी जिक्र किया गया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
किसने दर्ज कराई शिकायत?
यह शिकायत गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी और सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता स्मृति सिंह ने दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखने के बाद उन्होंने संबंधित वीडियो और अन्य जानकारियां जुटाईं। इसके बाद 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कराई गई। स्मृति सिंह ने यह भी बताया कि वह जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से जुड़ी हुई हैं।
रुचिका सिंह पर कौन-कौन सी धाराएं लगीं?
स्मृति सिंह की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्न धाराओं के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की गई है।
- धारा 352 – शांति भंग करने की नीयत से जानबूझकर अपमान करना।
- धारा 353(1) – सार्वजनिक नुकसान या अशांति फैलाने वाली कथित बयानबाजी।
- धारा 356(1) – मानहानि (Defamation) से संबंधित प्रावधान।
जीरो FIR क्या होती है?
जीरो एफआईआर ऐसी प्राथमिकी होती है जिसे किसी भी पुलिस थाने में दर्ज कराया जा सकता है, भले ही घटना उस थाना क्षेत्र की न हो। बाद में संबंधित क्षेत्राधिकार वाले थाने को जांच के लिए मामला स्थानांतरित कर दिया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत नोएडा पुलिस ने मामला दिल्ली पुलिस को भेज दिया क्योंकि कथित घटना दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई थी।
पुलिस ने क्या कहा?
नोएडा पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में रुचिका सिंह का पता सत्यापित किया गया। चूंकि घटना दिल्ली में हुई थी, इसलिए जीरो एफआईआर दर्ज करने के बाद मामला आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है। पुलिस वायरल वीडियो, डिजिटल साक्ष्य और अन्य उपलब्ध सबूतों की जांच कर रही है।
प्रदर्शन के बाद क्यों बढ़ा विवाद?
CJP का आंदोलन पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया था। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें प्रदर्शनकारियों की भाषा और नारेबाजी को लेकर बहस शुरू हो गई। इसी क्रम में रुचिका सिंह का वीडियो भी विवाद का विषय बना और उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
क्या है मौजूदा स्थिति?
फिलहाल रुचिका सिंह के खिलाफ दर्ज जीरो एफआईआर दिल्ली पुलिस को भेजी जा चुकी है। मामले की जांच जारी है और पुलिस उपलब्ध वीडियो, डिजिटल साक्ष्यों तथा गवाहों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। अभी तक मामले में अदालत द्वारा किसी भी आरोप की पुष्टि या दोषसिद्धि नहीं हुई है।
