नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार एक बेहद दर्दनाक होने से अफरा-तफरी मच गई, जब एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय बिल्डिंग में कई छात्र मौजूद थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस दुर्घटना में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।
बताया जा रहा है कि हादसे वाली इमारत में दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े कई छात्र रह रहे थे। आसपास मौजूद लोगों के मुताबिक, बिल्डिंग के गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि कुछ देर के लिए ऐसा लगा जैसे इलाके में भूकंप आया हो। हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस और राहतकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
पास की दूसरी इमारत भी हादसे की चपेट में
हादसे का असर आसपास की इमारतों पर भी पड़ा है। घटनास्थल के नजदीक स्थित एक अन्य बिल्डिंग में पीजी संचालित होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि मुख्य इमारत के गिरने के दौरान यह परिसर भी प्रभावित हुआ। राहत टीमों की ओर से आसपास के हिस्से की भी जांच की जा रही है, ताकि किसी अन्य व्यक्ति के मलबे में दबे होने की संभावना न रहे।
मलबे से एक और व्यक्ति को सुरक्षित निकाला गया
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बचाव दल ने मलबे से एक और व्यक्ति को बाहर निकाल लिया है। अधिकारियों और राहतकर्मियों की मौजूदगी में मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। राहत अभियान पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मलबे के नीचे और कितने लोग फंसे हुए थे।
हादसे को लेकर MCD पर उठे सवाल
सत्य निकेतन हादसे के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। इसी मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने सिविक सेंटर स्थित MCD कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी इस हादसे की जिम्मेदारी तय करने और MCD कमिश्नर के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
MCD कार्यालय में तोड़फोड़
विरोध प्रदर्शन के दौरान MCD कार्यालय में तोड़फोड़ की भी खबर सामने आई है। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया है। फिलहाल हादसे की वजह और इमारत की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
