सूर्यवंशी
Mumbai EVM : लोकसभा चुनाव 2024 के बाद एक बार फिर से ईवीएम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सभी विपक्षी पार्टियों ने एक बार फिर से ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए आगामी सभी चुनाव मतपत्रों के माध्यम कराने की मांग की. इस पर अब चुनाव आयोग ने अपनी सफाई पेश की है.
रविवार को एक चुनाव अधिकारी ने उस खबर को खारिज कर दिया जिसमें दावा किया गया था कि मुंबई में विजयी शिवसेना उम्मीदवार के रिश्तेदार के पास एक ऐसा फोन था जिससे ईवीएम को अनलॉक किया जा सकता था. मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र की रिटर्निंग ऑफिसर वंदना सूर्यवंशी ने कहा कि ईवीएम एक स्टैंडअलोन सिस्टम है जिसे अनलॉक करने के लिए ओटीपी की जरूरत नहीं होती.
निर्वाचन अधिकारी मिड-डे अखबार में छपी एक रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें शिवसेना उम्मीदवार रविन्द्र वायकर के एक रिश्तेदार के बारे में बताया गया था, जो 4 जून को मतगणना के दौरान ईवीएम से जुड़े मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे. बता दें कि वायकर इस सीट से केवल 48 वोटों के अंतर से विजयी हुए थे.
सूर्यवंशी ने कहा, “ईवीएम को अनलॉक करने के लिए मोबाइल पर किसी भी प्रकार की ओटीपी नहीं है क्योंकि यह प्रोग्राम करने योग्य नहीं है और इसमें वायरलेस संचार क्षमता नहीं है.” “यह एक अख़बार द्वारा फैलाया जा रहा एक झूठ है, जिसका इस्तेमाल कुछ नेता झूठी कहानी बनाने के लिए कर रहे हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि मिड-डे अखबार को मानहानि और झूठी खबर फैलाने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 499, 505 के तहत नोटिस जारी किया गया है.
मतदान अधिकारी ने कहा कि ईवीएम एक स्वतंत्र उपकरण है, जिसका सिस्टम के बाहर की इकाइयों के साथ कोई वायर्ड या वायरलेस कनेक्टिविटी नहीं है.
उन्होंने कहा, “किसी भी तरह की हेराफेरी की संभावना को खत्म करने के लिए उन्नत तकनीकी सुविधाएँ और मजबूत प्रशासनिक सुरक्षा उपाय मौजूद हैं.” “सुरक्षा उपायों में उम्मीदवारों या उनके एजेंटों की मौजूदगी में सब कुछ करना शामिल है.”
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