Bombay HC
बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि नाबालिग पत्नी के साथ सहमति से बनाया गया यौन संबंध भी बलात्कार के समान माना जाएगा. अदालत का यह फैसला भारतीय दंड संहिता (IPC) और यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (POCSO) अधिनियम के तहत कानूनी प्रावधानों के अनुसार किया गया है.
इस फैसले के अनुसार, भले ही नाबालिग लड़की ने यौन संबंध के लिए सहमति दी हो, लेकिन जब वह कानूनन बालिग नहीं है (18 वर्ष से कम आयु की है), तब उस संबंध को बलात्कार के रूप में ही देखा जाएगा. भारतीय कानून में, 18 वर्ष से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति के साथ सहमति से बनाए गए यौन संबंध को बलात्कार के रूप में माना जाता है, क्योंकि नाबालिग को पूरी तरह से यह समझने की क्षमता नहीं होती कि वह किस प्रकार के रिश्ते में है और इसके परिणाम क्या हो सकते हैं.
यह निर्णय खासकर उन मामलों में महत्वपूर्ण है जहां नाबालिग लड़की की शादी या रिश्ते के संदर्भ में यौन संबंध बनाए गए हों, क्योंकि इससे पहले यह धारणा थी कि यदि विवाह के बाद सहमति से यौन संबंध बनाए जाएं, तो इसे अपराध नहीं माना जाएगा.बॉम्बे हाई कोर्ट का यह आदेश न केवल कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का भी काम करता है.
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को तेज करते हुए…
राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस समय IPL में ऐसा तूफान बने हुए…
दिल्ली-एनसीआर में आखिरकार मौसम ने करवट ले ली है. कई दिनों से भीषण गर्मी और…
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से पहले यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने…
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत का मामला…
वैश्विक हालात, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच…
This website uses cookies.