Bombay HC
बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि नाबालिग पत्नी के साथ सहमति से बनाया गया यौन संबंध भी बलात्कार के समान माना जाएगा. अदालत का यह फैसला भारतीय दंड संहिता (IPC) और यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (POCSO) अधिनियम के तहत कानूनी प्रावधानों के अनुसार किया गया है.
इस फैसले के अनुसार, भले ही नाबालिग लड़की ने यौन संबंध के लिए सहमति दी हो, लेकिन जब वह कानूनन बालिग नहीं है (18 वर्ष से कम आयु की है), तब उस संबंध को बलात्कार के रूप में ही देखा जाएगा. भारतीय कानून में, 18 वर्ष से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति के साथ सहमति से बनाए गए यौन संबंध को बलात्कार के रूप में माना जाता है, क्योंकि नाबालिग को पूरी तरह से यह समझने की क्षमता नहीं होती कि वह किस प्रकार के रिश्ते में है और इसके परिणाम क्या हो सकते हैं.
यह निर्णय खासकर उन मामलों में महत्वपूर्ण है जहां नाबालिग लड़की की शादी या रिश्ते के संदर्भ में यौन संबंध बनाए गए हों, क्योंकि इससे पहले यह धारणा थी कि यदि विवाह के बाद सहमति से यौन संबंध बनाए जाएं, तो इसे अपराध नहीं माना जाएगा.बॉम्बे हाई कोर्ट का यह आदेश न केवल कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का भी काम करता है.
रीवा के अतरैला बाजार में जर्जर सड़क और बारिश के पानी से परेशान ग्रामीणों ने…
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP (Cockroach Janta Party) के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…
बांकीपुर उपचुनाव के बीच प्रशांत किशोर और पटना के SHO के बीच थाने में हुई…
जब-जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अनशन के जरिए सरकारों की जवाबदेही तय की जाएगी, निरंकुशता पर…
गाजियाबाद के शास्त्रीनगर में कुत्ते को लेकर हुए पड़ोसी विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर…
झारखंड के धनबाद में ईडी की बड़ी कार्रवाई में 600 करोड़ रुपये से अधिक की…
This website uses cookies.