दिल्ली-एनसीआर

Delhi Red Fort Blast : दिल्ली ब्लास्ट को सरकार ने माना आतंकी हमला, फरीदाबाद से मिली दूसरी संदिग्ध कार

Delhi Red Fort Blast : दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट को केंद्र सरकार ने आतंकी हमला बताया है। बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में इस पर प्रस्ताव पारित किया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह घटना “राष्ट्र-विरोधी ताकतों द्वारा किया गया जघन्य कृत्य” है। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

फरीदाबाद के पास मिली संदिग्ध कार

जांच में पता चला कि इस ब्लास्ट में आतंकियों ने एक नहीं बल्कि दो कारों का इस्तेमाल किया था। पहली कार धमाके में उड़ी थी, जबकि दूसरी लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट (नंबर DL10-CK-0458) बुधवार को हरियाणा के फरीदाबाद के खंदावली गांव के पास से बरामद हुई। यह कार डॉक्टर उमर उन नबी के नाम पर रजिस्टर्ड थी। FSL और NSG की टीम ने कार की जांच की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कार मंगलवार से वहां खड़ी थी।

दो साल से चल रही थी साजिश

जांच एजेंसियों को पता चला है कि दिल्ली ब्लास्ट की योजना फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से बनाई गई थी। वहां से गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद ने कबूला कि वह पिछले दो साल से विस्फोटक जमा कर रही थी। इस गिरोह को “व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल” कहा जा रहा है, जिसमें डॉक्टर और शिक्षित लोग शामिल थे। आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से इनका सीधा संबंध बताया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी पहुंचे अस्पताल

भूटान दौरे से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे LNJP अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों से उनके इलाज की जानकारी ली। पीएम ने कहा, “इस हमले की साजिश रचने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।”

देशभर में धमाकों की बड़ी साजिश

जांच में खुलासा हुआ कि आतंकियों का मकसद सिर्फ दिल्ली नहीं था। वे देशभर में 200 IED ब्लास्ट की साजिश रच रहे थे। उनका निशाना लाल किला, इंडिया गेट, गौरी शंकर मंदिर, रेलवे स्टेशन और बड़े मॉल जैसे सार्वजनिक स्थान थे। उनका उद्देश्य देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाना था।

जांच में सामने आए अहम सुराग

मारे गए आतंकी उमर की मां का DNA सैंपल लिया गया है ताकि अवशेषों की पहचान हो सके।

विस्फोट में इस्तेमाल हुई हुंडई i20 कार फरीदाबाद के सेकंड-हैंड शोरूम से खरीदी गई थी।

अल फलाह यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सफाई दी कि कैंपस में किसी तरह का विस्फोटक नहीं लाया गया।

घटनास्थल से 40 से ज्यादा सैंपल लिए गए हैं; एक में अमोनियम नाइट्रेट की मौजूदगी पाई गई।

सुसाइड ब्लास्ट नहीं था हमला

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह सुसाइड कार ब्लास्ट नहीं था। कार किसी इमारत या व्यक्ति से नहीं टकराई। माना जा रहा है कि कार में मौजूद आतंकी उमर की मौके पर मौत हो गई।

Sagar Dwivedi

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