चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में हुई गैंगरेप की घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपियों ने खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताकर पहले एक छात्र और छात्रा को रोका, फिर डराया-धमकाया और बाद में ऐसी वारदात को अंजाम दिया जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया।
क्या है पूरा मामला?
22 जुलाई को मध्य प्रदेश के सतना की रहने वाली 20 वर्षीय नीट की छात्रा अपने 17 वर्षीय दोस्त के साथ चित्रकूट की देवांगना घाटी घूमने गई थी। इसी दौरान बाइक से आए तीन युवकों ने खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताया और दोनों को रोक लिया।
पहले आरोपियों ने दोनों को डराने और ब्लैकमेल करने की कोशिश की। जब उनसे पैसे नहीं मिले तो उन्होंने छात्र के साथ मारपीट की, उसके हाथ-पैर बांध दिए और छात्रा को झाड़ियों में ले जाकर कथित तौर पर दो आरोपियों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। वारदात के बाद दोनों को जान से मारने की धमकी देकर आरोपी फरार हो गए।
पुलिस ने कैसे सुलझाया मामला?
घटना के बाद पुलिस के सामने यह एक चुनौतीपूर्ण मामला था। मौके पर कोई बड़ा प्रत्यक्ष सुराग नहीं था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय मुखबिरों की मदद से तीनों संदिग्धों की पहचान की। पीड़ितों ने भी तस्वीरों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। तीनों आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया। इसके बाद सूचना मिली कि मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ भोला जंगल में छिपा है।
मुठभेड़ में मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, आरोपी को पकड़ने गई टीम पर उसने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ। मौके से अवैध तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई।
फिलहाल मुख्य आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह घटना सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अगर दिनदहाड़े घूमने आए युवक-युवती को सरकारी कर्मचारी बनकर कोई रोक सकता है और फिर उनके साथ ऐसी घटना हो सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा कितनी मजबूत है?
महिलाओं और युवतियों के लिए पर्यटन स्थल, जंगल और सुनसान इलाके कितने सुरक्षित हैं? क्या ऐसे स्थानों पर पर्याप्त पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब सिर्फ इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने से मिलेगा।
अब सबकी नजर बाकी दो आरोपियों पर
मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन इस मामले के दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पीड़िता को न्याय तभी मिलेगा, जब सभी आरोपी कानून के शिकंजे में होंगे और उन्हें सख्त सजा मिलेगी। साथ ही, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है।
