Hanuman Jayanti
Hanuman Jayanti: हनुमान जी हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख देवताओं में से एक माने जाते हैं. जिस तरह हिंदू धर्म में हर दिन किसी न किसी देवी- देवता का दिन समर्पित माना जाता है ठीक उसी प्रकार मंगलावर का दिन विशेष रुप से हनुमान जी को समर्पित माना गया है. हनुमान जी भगवान शिव के रुद्रावतार भगवान शिव के 11वें अवतार माने जाते हैं. आइए इस आर्टिकल में जानते हैं हनुमान जयंती साल में दो बार क्यों आती है.
वाल्मीकि रामायण के मुताबिक हनुमान जी का जन्म कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर स्वाति नक्षत्र में हुआ था. इसलिए इस तिथि को हनुमान जी के जन्मदिवस के रुप में मनायाा जाता है. वहीं चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाई जाने वाली हनुमान जंयकी के पीछे एक पौराणिक कथा मिलती है. साल 2024में हनुमान जयंती 23 अप्रैल को है.
महाबली हनुमान जी का एक जयंती उनके जन्मोत्सव के रुप में मनाई जाती है वो वहीं दूसरी जयंती विजय अभिनंदन महोत्सव के रुप में मनाई जाती है. हिंदू धर्म शास्त्रों के मुताबित संकटमोचन हनुमान जी का कार्तिक माह की कृ्ष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथी पर मंगलवार के दिन मेष लग्र में हुआ था.
पवन पुत्र हनुमान जी के जन्म के बारे में वाल्मिकि रामायण में कहा गया है हनुमान जी का जन्म कार्तिक माह में हुआ था. चैत्र माह की हनुमान जयंती को लेकर यह कथा है कि हनुमान जी को बचपन में जब भूख लगी तो वे सुर्य को फल समझकर निगलने की कोशिश करने लगे. जिसके कारण धरती में अंधेरा छा गया.
इंद्रदेव ने हनुमान जी को रोकने के लिए वज्र से प्रहार किया तो हनुमान जी मुर्छित हो गए इस कारण पवनदेव ने क्रोधित होकर पूरे संसार में प्राण वायु रोक दी. इसके बाद ब्रम्हाजी ने हनुमान को शांत कराते हुए जीवनदान दिया इस कारण इस दिन को भी हनुमान जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है.
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