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Manu Bhaker: कौन है मनु भाकर ने जो देश के लिए बनी झांसी रानी, पीएम मोदी ने फोन पर कही ये बात

Who is Manu Bhaker: पेरिस ओलिंपिक 2024 में भारत ने पहला पदन अपने नाम किया. यह पदक मनु भाकर के नाम दर्ज हुआ. मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. शूटिंग में मेडल जीतने वाली पहली महिला मनु भाकर बनी. 12 साल के सूखे को भाकर ने खत्म कर दिया. इससे पहले भारत 2012 में शूटिंग में पदक जीता था. मेडल जीत की बधाई देश भर में सरकार से लेकर बड़े-बड़े हस्तियां दे रहे हैं. लेकिन क्या मनु भाकर की स्ट्रागल, मेहनत, परेशानी, मुश्किलें किसी को पता है. आइए आपको बताते हैं कि मनु भाकर इस मुकाम तक किन परिस्थितियों में पहुंची है.

एक अखबार को दिए साक्षात्कार(दैनिक भास्कर) में मनु भाकर के पिता ने कहानी और परेशानी को साझा किया. जिसमें बेटी की कामयाबी से लेकर सरकार की फेल्यर पर भी सवाल खड़े किए. मनु के पिता ने कहा की बेटी राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत रही थी, फिर भी पिस्टल की लाइसेंस बनाने में संघर्ष करना पड़ता था.

मनु के पिता आगे कहा कि मनु की भारतीय टीम में चायन हो गई थी. इसके बाद उसे इंडोनेशिया में शूट के लिए जाना था. लेकिन बिना लाइसेंस के मनु जा नहीं सकती थी. इस वजह से मनु के पिता ने काफी संघर्ष किया. लाइसेंस के लिए मनु के पिता मंत्री से लेकर विधायकों तक पैरवी किया. लेकिन जब भी थाने में जाते थे. हर बार उसे खाली हाथ वापस कर देता था.

मनु टोक्यो ओलिंपिक 2021 में भी शूटर थी

मनु भाकर टोक्यो ओलिंपिक में नंबर वन शूटर रहीं. वह क्वालिफाइंग राउंड में थीं. इस राउंड में मनू को 44 शॉट लेने थे. तभी अचानक उनकी पिस्टल खराब हो गई थी. जिसके वजह से वह शुरूआत के 20 मिनट तक निशाना ही नहीं लगा पाईं थी. मनु भाकर की मां कहती है कि जब बेटी की पिस्टल खराब हो गई तो वह काफी उदास थी. उन्होंने अपने पिस्टल को अलमिरा में रख दिया था. फिर उसके बाद धीरे-धीरे वह दोबारा मेहनत करना शुरू कर दिया था. मनु की मां उसे डॉक्टर बनाना चाहती थी. मनु के फिजिकल टीचर के कहने पर मनु को शूटिंग में ही आगे बढ़ाया. मनु के पिता उसे बॉक्सर बनाना चाहते थे. लेकिन आंख में चोट के कारण मनु के मम्मी ने उसे बॉक्सर में जाने से रोक लिया था.

मनु भाकर शूटर से पहले बॉक्सर में कई मेडल जीत चुकी थी. आंख में चोट लगने से मनु की जिंदगी बदल दी. मनु बॉक्सिंग छोड़ने के बाद कई खेलों में हाथ आजमाएं. जिनमें आर्चरी, टेनिस, स्केटिंग और मार्शल आर्ट शामिल है. लेकिन किसे पता था कि मनु की किस्मत में कुछ और हैं. पिता के कहने पर मनु शुटिंग ज्वाइन की और आज मनु भाकर को पूरी दुनिया जान गई.

Sagar Dwivedi

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