Pollution
Pollution : वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) एक मानक माप है, जो यह बताता है कि किसी क्षेत्र की वायु कितनी साफ या प्रदूषित है और यह स्वास्थ्य के लिए कितनी हानिकारक हो सकती है। AQI का उपयोग हवा में मौजूद प्रदूषकों की माप और उनके स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव को समझाने के लिए किया जाता है.
AQI कैसे मापा जाता है?
AQI को कई प्रकार के प्रदूषकों के आधार पर मापा जाता है.
AQI के स्तर
AQI को आमतौर पर 6 कैटेगरी में बाटा गया है जो वायु कि क्वालिटी और स्वास्थ्य पर उसके संभावित प्रभाव को दर्शाते हैं.
दिल्ली-एनसीआर में AQI की स्थिति
दिल्ली-एनसीआर में AQI का स्तर अक्सर सर्दियों में “बहुत खराब” से “गंभीर” तक पहुंच जाता है. पराली जलाने, पटाखों के धुएं, वाहनों और उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण का मुख्य कारण बताया गया है.
स्वास्थ्य पर प्रभाव
हाई AQI स्तर पर प्रदूषित हवा सांस संबंधी समस्याएं, अस्थमा, फेफड़ों के रोग और हृदय संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती है. लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों के स्वास्थ्य पर गहरा असर हो सकता है.
कैसे बचा जा सकता है?
निष्कर्ष
AQI का स्तर हमारे वातावरण और स्वास्थ्य की स्थिति का महत्वपूर्ण संकेतक है. इसके जरिए हम प्रदूषण के स्तर को समझ सकते हैं और एहतियाती कदम उठा सकते हैं ताकि खुद को और अपने परिवार को प्रदूषण के खतरों से बचाया जा सके.
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