कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद से हटने के एक दिन बाद ही सिद्धारमैया ने दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की. उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से बातचीत कर कई अहम मांगें और सुझाव पार्टी हाईकमान के सामने रखे.
सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने नई सरकार के गठन को लेकर अपने करीबी नेताओं के लिए महत्वपूर्ण विभागों और पदों की सूची सौंपी. इसमें राज्यसभा और विधान परिषद (MLC) सीटों के लिए नामों की सिफारिशें भी शामिल थीं. साथ ही उन्होंने मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे पर भी अपनी प्राथमिकताएं बताईं.
बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने बेटे Yathindra Siddaramaiah के लिए भी कुछ अहम विभागों की मांग रखी. इनमें मेडिकल एजुकेशन और पिछड़ा वर्ग से जुड़े विभाग प्रमुख रूप से शामिल हैं. इसके अलावा उद्योग और जल संसाधन जैसे बड़े विभागों पर भी उनकी नजर बताई जा रही है- जो पहले डीके शिवकुमार के पास थे.
इसी बीच, राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सिद्धारमैया ने कांग्रेस हाईकमान द्वारा दी गई राज्यसभा सीट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. उन्होंने साफ कहा कि उनकी रुचि राष्ट्रीय राजनीति में नहीं है और वे कर्नाटक की राजनीति में ही सक्रिय रहना चाहते हैं.
उन्होंने यह भी कहा- ‘मुझे राज्यसभा के बारे में पूछा गया था, लेकिन मैंने मना कर दिया. मैं कर्नाटक की राजनीति में ही रहना चाहता हूं.’ उधर, सूत्रों के मुताबिक जब हाईकमान ने पूर्व मंत्री सतीश जारकीहोली को KPCC (कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी) अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव दिया, तो उन्होंने कहा कि वे पहले सिद्धारमैया से सलाह लेंगे.
