Exclusive Book Reading: डॉ ईशान शिवानंद की पुस्तक ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेजन पर धूम मचा दिया है. भारतीय योग साधना और मेंटल हेल्थ साइंस के संगम से जन्मी एक क्रांतिकारी पुस्तक The Practice of Immortality ने हाल ही में अमेज़न बेस्टसेलर का प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त किया है. इसके लेखक डॉ. ईशान शिवानंद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित आध्यात्मिक वैज्ञानिक और शिवयोग परंपरा के वैश्विक संत हैं. उन्होंने इस पुस्तक के माध्यम से प्राचीन हिमालयी ज्ञान को आधुनिक मानव जीवन के लिए सहज और व्यावहारिक बना दिया है.
आत्म-जागरण का द्वार खोलती है ये पुस्तक
इस पुस्तक में वर्णित सिद्धांत और साधनाएं जैसे कि नाद साधना (ध्वनि ध्यान), ऊर्जा शुद्धिकरण, और गहन ध्यान, आज की भागदौड़ भरी दुनिया में मानसिक शांति, भावनात्मक उपचार और आध्यात्मिक प्रगति के लिए एक सिद्ध मार्ग प्रदान करती हैं. डॉ. ईशान शिवानंद के शब्दों में कहें तो “The Practice of Immortality केवल एक पुस्तक नहीं, आत्म-परिवर्तन का एक जीवंत अनुभव है. यह हर इंसान को उसकी भीतर की अनंत ऊर्जा और दिव्यता से जोड़ने का निमंत्रण है”
शिवयोग सनातन परंपरा का बजा वैश्विक डंका
डॉ. ईशान शिवानंद का जन्म 21 पीढ़ियों से चली आ रही योगियों की परंपरा में हुआ. उन्होंने अपने जीवन के पहले 20 वर्ष हिमालय के मठों में योग, ध्यान, आयुर्वेद, कथा-शास्त्र और ऊर्जा विज्ञान की गहन साधना में बिताए. वहीं से विकसित हुई उनकी Yoga of Immortals (YOI) प्रणाली, जो आज लाखों लोगों को तनाव, अवसाद और आत्मिक भ्रम से उबार रही है.
“जीवन का नया दृष्टिकोण मिला”
दुनिया भर के हज़ारों पाठकों के लिए डॉ. ईशान शिवानंद जी की ये पुस्तक मानसिक अशांति, चिंता और दुख की स्थितियों से बाहर निकलने में मददगार साबित होगी. “The Practice of Immortality पुस्तक को “जीवन बदल देने वाला अनुभव”, और “आत्मिक चिकित्सा का अमूल्य साधन” माना जा रहा है.
एक वैश्विक चेतना का प्रतीक
शिवयोग फाउंडेशन के प्रवक्ता ने बताया कि प्री बुकिंग के शुरुआती दिनों में ही “The Practice of Immortality का बेस्ट सेलर बुक की कटैगरी में शामिल हो जाना सिर्फ एक लेखक की लोकप्रियता ही नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण भी है कि आज का विश्व आंतरिक समाधान, शांति और जागरण की खोज में है. डॉ. ईशान शिवानंद की शिक्षाएं अब जन-जन तक पहुंच रही हैं.”
अमरता का अर्थ जीवन को पूर्ण रूप से जीना है!
लेखक के मुताबिक The Practice of Immortality बुक हमें ये बताती है कि अमरता केवल मृत्यु से बचने की कल्पना नहीं है, बल्कि यह जीवन के भय, सीमाओं और पीड़ा से परे जाकर अपने शाश्वत, शांत और दिव्य स्वरूप से जुड़ने की प्रक्रिया है.
एक संत से वैश्विक लेखक तक
डॉ. ईशान शिवानंद की यह सफलता केवल एक पुस्तक की लोकप्रियता नहीं है, बल्कि यह एक मिसाल है कि कैसे एक संन्यासी ने अपने ध्यान और साधना के अनुभवों को विश्वभर के पाठकों तक पहुंचाया. ये असधारण बात है कि किसी भारतीय योगी-संन्यासी की आध्यात्मिक साधनाओं पर आधारित पुस्तक को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थानों में से एक – Penguin Random House ने प्रकाशित किया है. यह भारतीय ज्ञान परंपरा की वैश्विक मान्यता का प्रमाण भी है.
लेखक परिचय – डॉ. ईशान शिवानंद
डॉ. ईशान शिवानंद एक युवा लेकिन अत्यंत अनुभवी योग साधक, प्रेरक वक्ता और वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जागरण के क्षेत्र में अग्रणी मार्गदर्शक माने जाते हैं. वो Yoga of Immortals (YOI) पद्धति के संस्थापक हैं, ये पद्धति प्राचीन योग परंपराओं को आधुनिक विज्ञान से जोड़ती है. डॉ. ईशान शिवानंद के वैश्विक मिशन का उद्देश्य है: “स्वस्थ व्यक्ति, संतुलित समाज और जागरूक विश्व”. शिवयोग सनातन के जरिए विश्व कल्याण के लिए काम कर रहे डॉ. ईशान शिवानंद जी के प्रयासों को दुनिया भर की सरकारों की सराहना भी मिली है.
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