Waqf Bill New
Waqf Bill : वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को हाल ही में भारतीय संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—में पारित किया गया है. इस बिल के पारित होने की प्रक्रिया और इससे संबंधित प्रमुख घटनाक्रम इस प्रकार से हैं:
लोकसभा में पारित होना
तारीख: इस बिल को पहले लोकसभा में प्रस्तुत किया गया, जहां इसे विस्तृत चर्चा के बाद पारित किया गया.
चर्चा का समय: लोकसभा में इस पर 12 घंटे से अधिक समय तक बहस हुई, जिसमें विभिन्न दलों के सदस्यों ने अपने विचार प्रस्तुत किए.
मतदान परिणाम: विधेयक के पक्ष में 288 वोट और विरोध में 232 वोट पड़े, जिससे यह लोकसभा में पारित हो गया.
राज्यसभा में पारित होना
तारीख: लोकसभा में पारित होने के बाद, विधेयक को राज्यसभा में प्रस्तुत किया गया.
चर्चा का समय: राज्यसभा में इस पर लगभग 12 घंटे तक बहस हुई, जो देर रात तक चली.
मतदान परिणाम: विधेयक के पक्ष में 128 वोट और विरोध में 95 वोट पड़े, जिससे यह राज्यसभा में भी पारित हो गया.
विधेयक के प्रमुख प्रावधान
वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों का समावेश: विधेयक में वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने का प्रावधान है, जिससे प्रबंधन में विविधता और पारदर्शिता बढ़ाने का उद्देश्य है.
महिला प्रतिनिधित्व: विधेयक में कम से कम दो मुस्लिम महिलाओं को केंद्रीय वक्फ परिषद और राज्य वक्फ बोर्डों में शामिल करने का प्रावधान है, जिससे लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया जा सके.
विवाद समाधान प्रक्रिया: वक्फ ट्रिब्यूनल के निर्णयों के खिलाफ उच्च न्यायालय में 90 दिनों के भीतर अपील करने का अधिकार प्रदान किया गया है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत किया जा सके.
विपक्ष और आलोचना
विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों का विरोध: विपक्षी दलों और कुछ मुस्लिम संगठनों ने इस विधेयक का विरोध किया है. उनका मानना है कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और वक्फ संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ा सकता है.
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बयान: इस संगठन ने विधेयक को मुस्लिम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है और इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है.
सरकार का पक्ष
पारदर्शिता और जवाबदेही: सरकार का तर्क है कि यह संशोधन वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए आवश्यक है.
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री का बयान: अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और भ्रष्टाचार रोकने में मदद करेगा.
वर्तमान स्थिति
विधेयक अब राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद, यह कानून बन जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वक्फ संशोधन बिल के पास होने को एक बड़ा सुधार बताया. उन्होंने शुक्रवार सुबह X पर लिखा कि यह कानून ट्रांसपेरेंसी बढ़ाएगा और गरीब-पसमांदा मुस्लिमों के अधिकारों की रक्षा करेगा.
पीएम मोदी ने कहा- ‘वक्फ संपत्तियों में सालों से गड़बड़ी हो रही थी, जिससे खासतौर पर मुस्लिम महिलाओं और गरीबों को नुकसान हुआ. यह नया कानून इस समस्या को दूर करेगा.’
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