अतरैला बाजार में जर्जर रोड के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन
संवाददाता- इंद्र बलि यादव
Rewa News: मध्य प्रदेश के रीवा से आई तस्वीरें व्यवस्था से सीधा सवाल पूछ रही हैं। यहां बारिश ने सड़क और तालाब के बीच का फर्क ही मिटा दिया है। अतरैला बाजार की जर्जर सड़क पर घुटनों तक पानी और जगह-जगह गड्ढों ने लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। हालात से परेशान किसानों और महिलाओं ने विरोध का ऐसा तरीका चुना कि सड़क पर ही धान की रोपाई शुरू कर दी और कजली गीत गाकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। यह सिर्फ एक सड़क की बदहाली नहीं, बल्कि उन लोगों की पीड़ा है जो हर दिन इसी रास्ते से अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए मजबूर हैं।
लोगों का कहना है कि सड़क इतनी खराब हो चुकी है कि जिस सफर को सामान्य तौर पर एक घंटे में पूरा किया जा सकता है, उसे बारिश के मौसम में तय करने में कई घंटे लग जाते हैं। गड्ढों और उखड़ी सड़क के कारण वाहन चलाना किसी जोखिम से कम नहीं है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए तो हालात और भी मुश्किल हो जाते हैं।
सड़क की बदहाली से नाराज किसानों और स्थानीय लोगों ने सोमवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। सड़क पर बारिश का पानी जमा था, जिसके बीच प्रदर्शनकारियों ने धान की रोपाई शुरू कर दी। महिलाओं ने कजली गीत गाकर सरकार और व्यवस्था के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब सड़क पर इतना पानी जमा हो जाता है कि वहां धान की फसल उगाई जा सकती है, तो फिर सड़क को सड़क कहने का क्या मतलब है।
सड़क की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों और किसानों ने चक्का जाम भी किया। इसके बाद किसानों ने सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क की हालत खराब है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि खराब सड़क की कीमत उन्हें रोजाना अपनी जेब और जान दोनों से चुकानी पड़ रही है।
रीवा जिले में सिर्फ अतरैला ही नहीं, बल्कि कई ग्रामीण इलाकों में सड़कें बदहाल बताई जा रही हैं। सिरमौर से डभौरा तक जाने वाले लोगों के मुताबिक कई जगह सड़क इतनी जर्जर है कि सामान्य सफर में भी अतिरिक्त समय लग जाता है। बारिश के बाद हालात और खराब हो जाते हैं। जगह-जगह गड्ढों में पानी भर जाता है और उखड़ी सड़क वाहनों की हालत भी खराब कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क खराब होने का असर सिर्फ आवागमन पर नहीं पड़ रहा, बल्कि मरीजों, स्कूली बच्चों, किसानों, व्यापारियों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
MP के रीवा जिले अतरैला बाजार में जर्जर रोड व्यवस्था से परेशान आम जनता चक्का जाम कर महिलाओं ने कजली गीत गा कर धान रोपाई की भाजपा के भ्रष्ट व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन
— Saurabh Dwivedi (@SaurabhDwit78) August 11, 2026
सड़क इतनी थकी हुई कि एक घंटे का सफर चार घंटे में।
जगह-जगह गढ़े और वाहन के पुर्जे-पुर्जे हिलने लगाते हैं। pic.twitter.com/41aXp2y3WJ
स्थानीय लोगों का सवाल सीधा है अगर सड़क जनता के लिए है तो उसे ऐसी हालत में क्यों छोड़ दिया गया है? बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को होती है, जिन्हें मजबूरी में इसी रास्ते से अस्पताल, स्कूल, बाजार और कामकाज के लिए गुजरना पड़ता है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में पुलिसकर्मी प्रदर्शन कर रहे लोगों से सड़क जाम करने की अनुमति को लेकर सवाल करते नजर आ रहे हैं।
फिलहाल अतरैला में सड़क की बदहाली को लेकर किसानों और स्थानीय लोगों का विरोध जारी है। लोगों की मांग है कि प्रशासन सिर्फ आश्वासन देने के बजाय सड़क की स्थायी मरम्मत कराए, ताकि बारिश के हर मौसम में उन्हें इसी तरह विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर न होना पड़े।
क्योंकि जिस सड़क पर जनता को चलना था, वहां आज धान रोपने की नौबत आ गई है यह सिर्फ सड़क की कहानी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की तस्वीर है जिसमें विकास के बड़े दावों के बीच गांवों की बुनियादी समस्याएं अब भी जस की तस खड़ी हैं।
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