Sahir Ludhianvi : ताजमहल को मोहब्बत की निशानी नहीं मानते साहिर लुधियानवी जानिए क्यों ?
Suman
March 8, 2024
https://www.themediawarrior.com
जन्म
साहिर का जन्म 8 मार्च 1921 में लुधियाना के एक मसऊदी (डफाली) घराने में हुआ था.
मोहब्बत की निशानी
वैसे तो ताजमहल को मोहब्बत की निशानी मानते हैं, लेकिन शायर का ऐसा नहीं मानते थें.
मजाक
साहिर का मानना है कि ताजमहल को मोहब्बत की मनाना उन लोगों का मजाक बनना है.
ताजमहल पर शायरी
ताज तेरे लिए इक मज़हर-ए-उल्फ़त ही सही, तुझ को इस वादी-ए-रंगीं से अक़ीदत ही सही.
ताजमहल पर शायरी
मेरी महबूब कहीं और मिला कर मुझ से, बज़्म-ए-शाही में ग़रीबों का गुज़र क्या मअ'नी.
ताजमहल पर शायरी
सब्त जिस राह में हों सतवत-ए-शाही के निशाँ, उस पे उल्फ़त भरी रूहों का सफ़र क्या मअ'नी.
ताजमहल पर शायरी
मेरी महबूब पस-ए-पर्दा-ए-तश्हीर-ए-वफ़ा, तू ने सतवत के निशानों को तो देखा होता.
Taj Mahal Copy In World : इस बेगम ने अपने शौहर की याद में बनवाया था दूसरा ताजमहल
Read More