Rani Durgavati : कहानी उस रानी की जिसने खुद के सीने में उतार ली थी तलवार


गढ़ा राज्य

रानी दुर्गावती गढ़ा राज्य की शासक महारानी थीं.

याद किया जाता है

देश की महानतम वीरांगनाओं में रानी दुर्गावती का नाम सबसे पहले याद किया जाता है.

15वीं सदी

15वीं सदी में मुगल बादशाह अकबर का राज पूरे भारत में तेजी से फैल रहा था.

मुगल सेना का सामना

अकबर ने कई हिंदू राजाओं के साथ संधि कर अपना साम्राज्य बढ़ा लिया था. लेकिन जो हिंदू राज्यों ने संधि से इनकार किया, उन्हें मुगल सेना का सामना करना पड़ रहा था.

रानी दुर्गावती ने झुकने से इनकार

ऐसा ही एक राज्य था गोंडवाना जहां कि रानी दुर्गावती थी, उन्होंन अकबर के सामने झुकने से इनकार कर दिया.

मुगल को धुल भी चटाई

ऐसा में जब रानी दुर्गावती को मुगल से युद्व करना पड़ा, कई बार तो उन्होंने मुगल को धुल भी चटाई.

हार देख खुद ही सीने में कटार ली

लेकिन जब रानी दुर्गावती ने नजदीक हार देखी तो, उन्होंने खुद ही अपने सीने में कटार उतार ली.

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