महाराणा प्रताप के सबसे प्रिय और प्रसिद्ध घोड़े का नाम चेतक था.
किस नस्ल का था चेतक?
चेतक काठियावाड़ी नस्ल का घोड़ा था, गुजरात के चारण व्यापारी ने लाया था.
चेतक के बदले में क्या दिया महाराण प्रताप ने?
इस घोड़े के बदले महाराणा ने चारण व्यापारियों को जागीर में गढ़वाड़ा और भानोल नामक दो गाँव भेंट किए.
किस रंग था चेतक?
चेतक 'ग्रुलो' रंग का स्टालियन या ग्रे रंग का घोड़ा था.
हल्दी घाटी का युद्ध
हल्दी घाटी के युद्ध में चेतक ने अपनी अद्वितीय स्वामिभक्ति, बुद्धिमत्ता एवं वीरता का परिचय दिया था.
हाथी का मुखौटा
युद्ध में चेतक को हाथी का मुखौटा लगाया जाता था ताकि शत्रुसेना के हाथियों को भयभीत किया जा सके.
चेतक ने मानसिंह के हाथी पर रखा था पैर
युद्ध में चेतक ने मुगलों के सेनापति मानसिंह के हाथी पर पैर रख दिए और महाराणा प्रताप ने मानसिंह पर सीधा भाले से वार किया हालांकि चेतक का एक पैर मानसिंह के हाथी की सूंड में बंधी तलवार से कट गया.
रणभूमि से निकालने में रहा सफल
तीन पैर और खून से लतपथ होने के बावजूद भी चेतक महाराणा प्रताप को सुरक्षित रणभूमि से निकाल लाने में सफल रहा.
वीरगति को हुआ प्राप्त
इस दौरान चेतक ने 25 फिट नाले को छलांग लगाकर पार किया, लेकिन बुरी तरह घायल हो जाने के कारण अन्ततः वीरगति को प्राप्त हुआ.
First Metro : भारत में सबसे पहले मेट्रो कहां चलाई गई, बहुत से लोग दे रहे गलत जवाब!