Famous Shayar : ग़ालिब ने मोमिन के इस शेर पर अपना पूरा दीवान देने की बात कही


मिर्ज़ा ग़ालिब की चर्चा

जहां 'मोमिन' का नाम आता है तो अक्सर मिर्ज़ा ग़ालिब की चर्चा होने लगती है.

पेशकश

कहा जाता है कि ग़ालिब ने मोमिन के केवल एक शेर के बदले अपना सारा दीवान देने की पेशकश की थी.

दीवान देने को तैयार

क्या अपको पता है वहा कौन सा शेर है जिसके बदले वह अपना पूरा दीवान देने को तैयार

शेर

शेर 'तुम मेरे पास होते हो गोया जब कोई दूसरा नही होता' पर अपना पूरा दीवान देने की बात कही थी.

ताल्लुक़

हकीम मोमिन ख़ाँ मोमिन का ताल्लुक़ एक कश्मीरी घराने से था.

असली नाम

मोमिन ख़ाँ मोमिन का असली नाम मोहम्मद मोमिन था.

संगीत और शतरंज का शौक

'मोमिन' बहुमुखी व्यक्तित्व वाले शायर थे, संगीत और शतरंज का शौक रखते थें.

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